Home >> Huzur Maharaj Ji

Huzur Maharaj Ji

गुरु क्या शक्ति होती है

भजन बिन बावरे तू हीरा जनम गंवई भजन का शाब्दिक अर्थ होता है भागना। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बोल चाल की भाषा में भागने को भजना कहते हैं। सच्चा भजन क्या होता है, ये सन्त महात्मा बताते हैं। दुनियां के लोग भजन करते हैं नाच-गाकर। वो इसी को भजन समझते हैं। लेकिन महापुरुष बताते हैं कि भजन वो है ...

Read More »

Jogi Ki Sadhna aur Guru ka gyan

॥ राधा स्वामी जी ॥ यह बडे बाबा जी के समय की बात है। एक जोगी हिमालय पर बैठा बन्दगी किया करता था, एक दिन का वर्णन है कि उस को भजन में हजूर जी ने दर्शन दिए। अपनी सोटी से उठाकर कहने लगे देख जोगी यदि तुम्हें प्रभु से मिलने का रास्ता लेना है मेरे पास ब्यास आ जा। ...

Read More »

Main Sewak Tum Swami, Main Nadaan Tum Antaryami

॥ राधा स्वामी जी ॥ बहुत समय पहले की बात है, जब हुज़ूर के टाइम पर पूसा रोड सत्संग घर में सत्संग हुआ करता था. एक बार जब हुज़ूर सत्संग फरमाने के लिए स्टेज पर चढ़ने लगे, तो सामने खड़े सेवादार को बुलाया और बोले की हमारे एक गेस्ट आ रहे हैं, आप जाकर उन्हें स्टेशन से ले आएं, यह ...

Read More »