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Tag Archives: Sakhi

Hisaab Dena hi Padega – Ek Satsangi ne Bataya

एक औरत सिलाई करके अपना पेट का गुजारा करती थी. बहुत ही मेहनती थी. भजन सुमिरन को भी अच्छा समय देती थी. हक हलाल की कमाई ही खाती थी. कभी किसी से कुछ मांगती नहीं थी. सुमिरन भजन में जब तक उसको आनंद नहीं मिलता तब तक भजन सुमिरन नहीं छोड़ती थी. एक बार सिलाई का काम कुछ ज्यादा आने ...

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Baba Ji ke Nazdeek se Darshan – Ek Sakhi

Bahut saal pehle ki baat hai, Bhandaare par Baba ji ke nazdeek se dershan karne ke liye log subah subah 2 (2 AM) baje hi pandal ( satsang shed) mein ja kar baith jaya karte the. Ek Bhandaare par aise hi ek aadmi bhi subah subah pandal mein jaa kar baith gaya taki Baba ji ke bahut kareeb se darshan ...

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Purse mein Baba ji ki Photo

एक बार ब्यास स्टेशन पर एक सेवादार को एक पर्स मिला, जिसमे कुछ पैसे और बाबाजी की एक फोटो थी उसने जोर से आवाज लगाई, ये पर्स किसका है ? भीड मे से एक बुजुर्ग बोला, अरे ये तो मेरा है सेवादार बोला मै कैसे मान लूं ये आपका है ? वो बोला इसमे बाबा जी की फोटो है सेवादार ...

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Bade Maharaj ji ki sakhi – Giddh aur usko naamdaan

एक बार एक अंधा व्यक्ति जो की प्रमात्मा का भक्त था, डेरे आया । उसने एक सेवादार वीर से कहा कि वीर जी मैं आपके महाराज जी से बात करना चाहता हूँ, आप बता सकते है कि मैं उनसे कैसे मिल सकता हूँ तो उस सेवादार वीर ने कहा कि कुल मालिक इस वक्त सत्संग फरमा रहे है सो मैं ...

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Jaisa Ann, Vaisa Mann

यह कहानी बड़े महाराज जी ने अपने सुनाई, बासमती चावल बेचने वाले एक सेठ की स्टेशन मास्टर से साँठ-गाँठ हो गयी। सेठ को आधी कीमत पर बासमती चावल मिलने लगा। सेठ ने सोचा कि इतना पाप हो रहा है, तो कुछ धर्म-कर्म भी करना चाहिए। एक दिन उसने बासमती चावल की खीर बनवायी और किसी साधु बाबा को आमंत्रित कर ...

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Sakhi – Maharaj Charan Singh Ji ki

एक बार एक सेठ सेवा के जत्थे के साथ डेरे मैं आया | जब वो सेवा कर रहा था तो सत्संग साथ-साथ शब्द बोल रही थी और वो भी बोलने लगा | सत्संग के माहौल मैं उसका दिल लग गया, सोच रहा था कि रुक जाता हूँ, कल सवेरे फिर सेवा कर के घर चला जाऊँगा | रात को जब ...

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